क्रिकेट ने करुण नायर को दूसरा मौका दिया लेकिन इंग्लैंड दौरे पर वह इसका पूरा फायदा नहीं उठा पाए हैं और चौथे टेस्ट के लिए भारत की अंतिम एकादश तय होने पर सिर्फ उन्हीं का नाम हट सकता है।
आठ साल बाद अंतिम एकादश में वापसी करने वाले 33 वर्षीय खिलाड़ी को अपनी छह पारियों में से ज्यादातर में अच्छी शुरुआत मिली है लेकिन वह उसे बड़ी पारी में नहीं बदल पाए हैं। वह पिच पर अच्छी लय में दिखे, विशेषकर ड्राइव करते हुए लेकिन लेंथ से आती हुई उछाल लेती गेंदों ने उन्हें परेशान किया है।
लॉर्ड्स में दूसरी पारी में वह ब्रायडन कार्स की अंदर आती गेंद की लाइन एंव लेंथ का सही अनुमान नहीं लगा पाए और आउट हो गए।
तीसरे नंबर पर भारत को नायर से मजबूती दिलाने की उम्मीद थी क्योंकि उन्होंने घरेलू क्रिकेट में रनों का पहाड़ खड़ा करने के बाद राष्ट्रीय टीम में जगह बनाई।
भारत पांच मैचों की श्रृंखला में 1-2 से पीछे है और अगला मैच अभी एक हफ्ते दूर है, ऐसे में प्रबंधन को फैसला लेना होगा कि नायर के साथ बने रहें या फिर युवा साई सुदर्शन पर दांव लगाएं जिन्हें अपने पहले मैच के बाद अंतिम एकादश से बाहर कर दिया गया था।
बाहर किए गए बाएं हाथ के इस शानदार बल्लेबाज कोई बड़ी गलती नहीं की और ऐसा आठवें नंबर पर एक अतिरिक्त बल्लेबाजी विकल्प को शामिल करने के लिए किया गया।
भारत 23 जुलाई से शुरू होने वाले मैच में श्रृंखला बराबर करने की कोशिश करेगा जिससे ओल्ड ट्रैफर्ड में एकमात्र बदलाव यही हो सकता है कि लगभग एक महीने बाद 23 वर्षीय सुदर्शन नायर की जगह टीम में चुने जाएं।
इस श्रृंखला में कमेंटरी कर रहे पूर्व भारतीय विकेटकीपर दीप दासगुप्ता का कहना है कि सुदर्शन को वापस लाने का समय आ गया है।
उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘आप अब भी श्रृंखला में बने हुए हैं क्योंकि लॉर्ड्स टेस्ट मैच भी बेहद करीबी था। नतीजा किसी भी तरफ जा सकता था। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं तीसरे नंबर को देख रहा हूं। क्या करुण नायर अब भी खेलते रहेंगे या आप साई सुदर्शन जैसे युवा खिलाड़ी को खिलाना चाहेंगे जो पहले टेस्ट मैच की आखिरी पारी में सहज दिखे थे? वह युवा हैं और भविष्य के लिए निवेश हैं। ’’
दासगुप्ता ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि करुण को उनके मौके मिल गए हैं। यह बात मौकों की नहीं है। इससे भी ज्यादा वह क्रीज पर कैसे दिखे। वह टुकड़ियों में सहज दिख रहे हैं लेकिन कुछ सवालों के जवाब अभी नहीं मिले हैं। और यही बात मुझे कुछ और सोचने पर मजबूर करती है। ’’
वह तीसरे नंबर के बल्लेबाज से स्थिरता की उम्मीद करते हैं जब सुदर्शन लीड्स में खेले थे तो नायर ने छठे नंबर पर बल्लेबाजी की थी।
दासगुप्ता ने कहा, ‘‘तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले खिलाड़ी के लिए आपको उस दृढ़ता का अहसास होना जरूरी है। और कई बार, मुझे ऐसा नहीं लगा। ’’
शुभमन गिल की टीम घरेलू टीम के साथ कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रही है इसलिए श्रृंखला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है। बल्लेबाजी में एक बदलाव को छोड़कर भारत बड़े बदलाव नहीं चाहेगा।
गेंदबाजी विभाग में कुलदीप यादव को और इंतजार करना होगा क्योंकि रविंद्र जडेजा और वाशिंगटन सुंदर अभी अपना काम बखूबी कर रहे हैं।
तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह बचे हुए दो टेस्ट में से सिर्फ एक में खेलेंगे जिससे उनके मैनचेस्टर में खेलने की उम्मीद है जिसमें भारत को जीतना जरूरी है।
दासगुप्ता ने कहा, ‘‘बुमराह को खेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। मैचों के बीच में उन्हें काफी आराम मिला है। भारत 1-2 से पीछे है तो आप उनसे खेलने की उम्मीद करेंगे।’’
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