नई दिल्ली, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) । दिल्ली उच्च न्यायालय की जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कोरोना की दूसरी लहर के दौरान दवाईयों और ऑक्सीजन के अवैध भंडारण के मामले में पूर्व भाजपा सांसद के खिलाफ फैसला सुरक्षित रख लिया है। वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर समेत दूसरे आरोपितों के खिलाफ ड्रग कंट्रोलर की ओर से दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग वाली याचिका पर अदालत ने यह फैसला दिया है।
दरअसल, गौतम गंभीर के खिलाफ दर्ज मामले में रोहिणी कोर्ट में सुनवाई चल रही है। गौतम गंभीर के वकील अनतं देहादराय ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने की मांग की। ड्रग कंट्रोलर ने गौतम गंभीर के अलावा गौतम गंभीर फाउंडेशन, इसके सीईओ अपराजिता सिंह, सीमा गंभीर और नताशा गंभीर के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स कानून की धारा 18(सी) के तहत मामला दर्ज कराया है।
दिल्ली सरकार के ड्रग कंट्रोलर ने 8 जुलाई, 2021 को गौतम गंभीर फाउंडेशन और इसके ट्रस्टी और सीईओ के खिलाफ ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों के तहत अभियोजन शुरु किया था। इसी तरह के आरोपों के तहत आप विधायकों प्रवीण कुमार और इमरान हुसैन के खिलाफ भी अभियोजन शुरु किया गया। तीनों के खिलाफ दवाईयों और ऑक्सीजन के अवैध भंडारण के आरोपों की जांच के बाद ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट की धारा 18(सी) और 27(बी) के तहत अभियोजन शुरु किया गया।
गौतम गंभीर पर आरोप है कि उनके एनजीओ गौतम गंभीर फाउंडेशन ने मेडिकल कैंप लगाने के लिए कोरोना की दवाईयों की जमाखोरी की। इमरान हुसैन पर आरोप है कि उन्होंने हरियाणा ड्रग कंट्रोल विभाग से अनाधिकृत रुप से मेडिकल ऑक्सीजन हासिल किया।
(Udaipur Kiran) /संजय
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(Udaipur Kiran) / अमरेश द्विवेदी
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