दो हफ्ते में सभी अधिकारियों से मांगा जवाब, डीएम का आदेश अगली सुनवाई तक स्थगित
औरैया, 29 अगस्त (Udaipur Kiran) . उत्तर प्रदेश के औरैया जनपद की अजीतमल ब्लाॅक की ग्राम पंचायत अमावता के प्रधान शैलेन्द्र सिंह के वित्तीय अधिकार समाप्त करने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा रुख अपनाया है। न्यायालय ने औरैया डीएम इंद्रमणि त्रिपाठी, सीडीओ सहित छह अधिकारियों से दो हफ्ते में जवाब तलब किया है। कोर्ट ने सवाल उठाया है कि जब कोई वित्तीय अनियमितता सिद्ध नहीं हुई तो प्रधान के अधिकार क्यों छीने गए।
गौरतलब है कि छह जुलाई को गौशाला में ट्रैक्टर से मृत गाय को खींचते हुए वीडियो वायरल हुआ था। इस पर एसडीएम अजीतमल ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम बनाई थी। जांच में सचिव अंशु कुमार को दोषी मानते हुए निलंबित कर दिया गया, जबकि 26 जुलाई को डीएम ने ग्राम प्रधान शैलेन्द्र सिंह के वित्तीय अधिकार भी समाप्त कर दिए।
प्रधान ने इस आदेश को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल की। प्रधान की ओर से अधिवक्ता अजय सेंगर ने तर्क दिया कि नोटिस का जवाब देने के बाद भी अधिकार छीने गए, जबकि वित्तीय अनियमितता का कोई आरोप सिद्ध नहीं है। सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने डीएम, सीडीओ, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला कृषि अधिकारी, खंड विकास अधिकारी और सहायक विकास अधिकारी से जवाब मांगा है। साथ ही डीएम के आदेश की प्रभावशीलता अगले आदेश तक स्थगित कर दी गई है।
(Udaipur Kiran) कुमार
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